शिक्षक बोले उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारसन बन गया भ्रष्टाचार का अड्डा
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रुड़की/मंगलौर (देशराज पाल/राजपाल)। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने मांगों को लेकर उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारसन पर गंभीर आरोप लगाए। शिक्षकों का आरोप है कि उनकी जायज मांगों को भी नहीं माना जा रहा है। उनका आरोप है कि उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारसन भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
शुक्रवार ब्लॉक नारसन में स्थित उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले दर्जनों से ज्यादा शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन पर बैठे शिक्षकों का आरोप है कि उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो-तीन सालों से अपनी जायज मांगों को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र कई-कई बार लिख भेज चुके हैं लेकिन इसके बावजूद भी उनकी जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनके एरियर के आदेश हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें एरियर का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। इसी को लेकर उन्होंने उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाई। शिक्षकों के धरना प्रदर्शन करने की जानकारी लगने पर नीराज अहमद उप शिक्षा अधिकारी और इन्हीं के पास खंड शिक्षा अधिकारी का चार्ज भी है मौके पर पहुंचे और उन्होंने धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को समझा बुझा कर आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर उनकी जायज मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। आश्वासन के बाद शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। शिक्षकों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के मामले को लेकर हमने जब उप शिक्षा अधिकारी से फोन पर संपर्क किया तो फोन रिसीव ना हो पाने के कारण उनसे बात नहीं हो पाई। धरना प्रदर्शन करने वालें शिक्षकों में कुंतला गुप्ता, तस्लीमा, निशा सैनी, अर्चना, सरस्वती, अनीता, जेबा परवीन, दिनेश, आकाश कुमार, ब्रिजेश कुमार, अमरीश वर्मा, तेजवीर सैनी, वीर सिंह, अरविंद कुमार, हेमंत ध्यानी, मुकेश सैनी, भावना, अन्नु दुआ, राजकुमार राठी, ज्योति गर्ग, मनोज शर्मा, भारत भूषण के साथ ही एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा, उपाध्यक्ष मासूम अली, संरक्षक कंवर पाल आदि मौजूद रहे।
