आज के तनावपूर्ण जीवन में योग एक अमृत के समान: डॉ. रजत अग्रवाल
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रुड़की (देशराज पाल)। विद्या भारती द्वारा संचालित प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र रुड़की में छः दिवसीय निःशुल्क योग शिविर का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर विधिवत रूप से किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ छात्रों के द्वारा योग प्रदर्शन से हुआ जिससे वातावरण ऊर्जामय एवं प्रेरणादायक बन गया। मुख्य अतिथि पं0 सतीश चंद्र कोठारी कथावाचक उपस्थित रहे।
उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास संभव है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में योग एक अमृत के समान है। यह हमें सकारात्मक सोच, धैर्य, आत्मविश्वास और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। विद्यालय प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने कहा कि योग हमें स्वयं से प्रकृति से और परमात्मा से जोड़ता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और बुद्धि स्थिर होती है। योगाचार्य तिलक राम चैहान ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं अन्य जीवनशैली संबंधी रोगों से बचाव हेतु नियमित योगाभ्यास अत्यंत आवश्यक है। शिविर में सूक्ष्म व्यायाम, योगासन, प्राणायाम व ध्यान का नियमित अभ्यास कराया जाएगा। संचालन विवेक पांडे ने किया तथा सभी योग प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में कौशल्या भवन केंद्र की प्रभारी ओमना तोमर ने अतिथियों व योग प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग शिक्षा के साथ अमित शर्मा द्वारा कंप्यूटर शिक्षा का संचालन किया जा रहा है तथा आगामी 1 मार्च 2026 से संगीत कक्षा का भी शुभारंभ किया जाएगा।इस अवसर पर अरुण, पवन कुमार, आरुष त्यागी, अनुज कुमार, अवधेश वर्मा, अभिषेक, श्रेयांश, मंजू चौधरी बबीता त्यागी, प्रियंका, स्नेहलता पाण्डेय, कविता चौहान, नव्या त्यागी, आदि योग साधकों ने प्रतिभाग किया।
