January 16, 2026

शोषित मानवों की रक्षा करने के उद्देश्य से मानवाधिकार विचार संगोष्ठी का आयोजन

0
IMG_20251210_173926
Getting your Trinity Audio player ready...

रुड़की (देशराज पाल)। विश्व मानवाधिकार दिवस पर एडवोकेट नवीन कुमार जैन के तत्वावधान में कैम्प कार्यलय पर मानवीय मूल्यों व मानवीय मूल अधिकारों व महिला उत्पीड़न अत्याचारो व शोषित मानवों की रक्षा करने उद्देश्य से मानवाधिकार विचार संगोष्ठी का आयोजन किया।
विचार संगोष्ठी में ब्यूरो प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता नवीन कुमार जैन ने विचार व्यक्त कर कहा कि आज विश्व मानवाधिकार दिवस है जिसकी सर्वप्रथम सार्वभौमिक घोषणा 10 दिसंबर 1948 को सयुक्त राष्ट्र संघ ने की थी। भारत में सर्वप्रथम भारत सरकार ने 12 अक्टूबर 2007 को राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण लागू किया था जिसके प्रथम अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे जिसके उपरांत हमारी भारत सरकार ने राष्ट्रसंकल्पित हो मानवीय कल्याण उद्देश्य पूर्ति मानव जाति के मूल मूल्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर ठोस कदम उठाए जाने पर जोर दिया था इसी क्रम संगोष्ठी में वरिष्ठ नेता भाजपा सुबोध कुमार शर्मा ने विचार व्यक्त कर कहा कि हमसव भारतीयों का राष्ट्रदायित्व है कि हम राष्ट्रप्रति प्रत्येक राष्ट्र्जन पर हो रहे अत्याचारों व आतंकित गतिविधियों पर रोक लगा प्रत्येक मानव को सुरक्षित रखने का प्रयास करना चाहिए संगोष्ठी में एकत्र वक्ताओं ने विचार व्यक्त कर कहा कि हमसब को मानवीय अधिकारों पर हो रहे कुठाराघात व मानवीय हनन अत्याचारों से मुक्ति हेतु उनके मूलभूत अधिकारों को सुरक्षा प्रदान किए जाने पर प्रयासरत रह राष्ट्रसंकल्पित हो राष्ट्रदायित्व कि पूर्ति करने की शपथ मानवाधिकार दिवस पर ग्रहण करनी चाहिए। मानवीय मूल्यों पर हो रहे ताकि अधिकारों व कर्तव्यों का निष्ठा से पालन संभव हो सके संगोष्ठी में अधिवक्ता सुनील कुमार गोयल, ब्रजेस सैनी, अनुज आत्रेय, नीरज कपिल, सचिन गोंडवाल, राजेश वर्मा, अधिवक्ता हिमांशु, पंकज जैन, अभिनव गोयल, संजय सैनी, मदन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page