आनन्द स्वरुप आर्य सरस्वती विद्या मन्दिर में दीप प्रदर्शनी का आयोजन
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रुड़की (देशराज पाल)। आनन्द स्वरुप आर्य सरस्वती विद्या मन्दिर रुड़की में दीपावली के अवसर पर दीप सज्जा, रंगोली सज्जा प्रतियोगिता तथा दीप प्रदर्शनी का आयोजन विद्यालय परिसर में किया गया। अवलोकन विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह एवं विंग प्रभारी शमा अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किये गये सुन्दर, आकर्षक दीपक तथा सुन्दर रंगो से सजायी गई आकर्षक रंगोली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोह लिया।
दीपावली के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय उपप्रबंधक दिनेश पंवार, प्रवीण गर्ग, जे0पी0 शर्मा, इन्द्रराज गौतम, रविन्द्र कुमार बंसल, मोहन सिंह मटियानी, जसबीर सिंह पुण्डीर, ओमना तोमर एवं शमा अग्रवाल द्वारा श्रीराम दरबार एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। विद्यालय के शिक्षक कुंवर इन्द्रपाल ने दीपावली के इतिहास एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें प्राचीन परम्पराओं के संवर्धन एवं विकास के लिए निरन्तर प्रयासरत रहना चाहिए। भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी वस्तुओं प्रयोग करना चाहिए। रविन्द्र कुमार बंसल कहा कि जब 14 वर्ष का वनवास काटकर श्रीरामजी अयोध्या आये तो उनके आने की खुशी में घी के दीपक जलाये गये थे। पटाखों के प्रदर्शन में हम दीपावली मनाने की मूल भावना जैसे भावनाओ की साफ-सफाई, अन्धकार से प्रकाश की ओर एवं असत्य पर सत्य की जीत को कभी न भूलें। साथ ही अपने सभी त्योहारों, उत्सवों व पर्वो में स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग करें व कहा कि हिन्दू रीति-नीति व दर्शन को जाने क्योंकि हिन्दू संस्कृति ही है जो नभ, जल, थल में रहने वाले सभी प्राणियों की चिन्ता करती है अतः हमें यह त्योहार सादगी व हर्षोल्लास से मनाना चाहिए। उप प्रधानाचार्य मोहन सिह मटियानी ने कहा कि इस बार की दीपावली पर हम देश की रक्षा में लगे भारतीय सैनिकों के त्याग और बलिदान को याद कर सैनिक परिवारों के साथ दीपावली की खुशियों को साझा करे। उन्होंने कहा कि इस बार दीपावली पर सरहद पर तैनात सैनिकों को पत्र लिखकर उनका धन्यवाद व सम्मान हमारे सैनिकों को अत्यन्त खुशी प्रदान करेगा। इस अवसर पर विद्यालय के कार्यालय अधीक्षक आनन्द कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहें।
