पूर्व सभासद मोहम्मद शफी को न्यायालय ने सुरक्षा प्रदान किए जाने के किए आदेश जारी
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रुड़की/मंगलौर (देशराज पाल/राजपाल)। पूर्व पार्षद एवं एडवोकेट मोहम्मद शफी को परिवार सहित न्यायालय ने सुरक्षा के आदेश मंगलौर कोतवाली पुलिस को दिए हैं। न्यायालय ने यह आदेश उन्हें बार-बार मिल रही धमकियां और जानलेवा हमले के बाद दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद मंगलौर वर्ष 2018 में हुए बिजली घोटाले के शिकायतकर्ता और पूर्व सभासद मोहम्मद शफी को जान से मारने की धमकियों के बाद अब न्यायालय से सुरक्षा के आदेश दिए हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए हरिद्वार एसएसपी और मंगलौर कोतवाल को आदेश दिए कि शिकायतकर्ता व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति नरेन्द्र एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मोहम्मद शफी को सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
आपको बता दें कि 2018 में नगर पालिका परिषद मंगलौर में तत्कालीन चेयरमैन चौधरी इस्लाम के कार्यकाल में एलईडी बिजली खरीद में बड़ा घोटाला सामने आया था। इस घोटाले की शिकायत मोहम्मद शफी ने शहरी विकास सचिव से की थी। शिकायत पर जिलाधिकारी हरिद्वार ने जांच कर घोटाले की पुष्टि की और सरकार को कार्यवाही की संस्तुति भेजी। इसके बाद से ही शिकायतकर्ता को लगातार धमकियां दी जा रही थी। हाल ही में नगर पालिका कार्यालय में उन पर हमला भी हुआ था जिसकी रिपोर्ट पुलिस में दर्ज की गई थी। पीड़ित तभी से सुरक्षा के आदेश की गुहार स्थानीय पुलिस से लग रहा था लेकिन उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं की जा रही थी। अब न्यायालय में उन्हें सुरक्षा प्रदान किए जाने के आदेश जारी किए हैं।
