आईआईटी रुड़की भारत के स्टार्टअप आंदोलन में दे रहा बड़ा योगदान: डॉ जितेंद्र सिंह
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रुड़की (देशराज पाल)। आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश भर में 1.7 लाख स्टार्टअप्स में से लगभग 240 स्टार्टअप्स के साथ, आईआईटी रुड़की भारत के स्टार्टअप आंदोलन में एक बड़ा योगदान दे रहा है। आपके नौ उत्कृष्टता केंद्र, आपदा जोखिम, लचीलापन एवं स्थिरता के क्षेत्र में आपका अग्रणी कार्य, एवं वाइब्रेंट विलेज जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय समुदायों के साथ आपकी गहरी भागीदारी आपको एक शैक्षणिक संस्थान का सच्चा आदर्श बनाती है। मुख्य अतिथि ने राष्ट्रपति स्वर्ण पदक वंश सैनी, निदेशक स्वर्ण पदक हार्दिक साहनी, भारत के राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक श्रेया मित्तल, संस्थान रजत पदक बालगा पवन साई, संस्थान कांस्य पदक अनवद्य खरे को देकर सम्मानित किया।
शुक्रवार भारतीय प्रौद्योगिकी की संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने अपना 25वां दीक्षांत समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने टॉपर छात्र-छात्राओं को डिग्रियां वितरित। इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में 1,267 स्नातक, 847 स्नातकोत्तर एवं 500 पीएचडी सहित कुल 2,614 डिग्री वितरित की गई। स्नातक वर्ग में 23 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व एंव महिला पीएचडी स्कॉलरों की संख्या में तीव्र वृद्धि के साथ, जो 2023 में 57 से बढ़कर 2025 में 178 हो गई है।
डॉक्टर जितेंद्र सिंह कहा कि आज जैसा कि निदेशक ने अपनी रिपोर्ट में विस्तार से बताया कि संस्थान को लगातार चौथे वर्ष भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा सर्वाधिक नवोन्मेषी संस्थान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, साथ ही स्टैम में महिलाओं की उत्कृष्टता के लिए कार्टियर अचीवर पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। कल शाम ही, राष्ट्रीय रैंकिंग में, आप छठे स्थान पर रहे। यह अपने आप में इस बात का पर्याप्त प्रमाण है कि इस संस्थान ने वर्षों से अपने मानकों को कितनी उल्लेखनीय निरंतरता के साथ बनाए रखा है। इस भव्य समारोह में स्नातक वर्ग का स्वागत करते हुए, आईआईटी रुड़की अभिशासक परिषद के अध्यक्ष बीवीआर मोहन रेड्डी ने कहा कि दीक्षांत समारोह गर्व एवं जिम्मेदारी का क्षण होता है। आईआईटी रुड़की को ऐसे नवाचारों का निर्माण करके आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाना चाहिए जो किफायती, मापनीय एवं प्रभावशाली हों। दीक्षांत समारोह की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रो. केके पंत ने क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 339 और लगातार चौथे वर्ष वास्तुकला एवं नियोजन में शीर्ष एनआईआरएफ रैंक के साथ आईआईटी रुड़की की वैश्विक प्रतिष्ठा एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। दीक्षांत समारोह की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि दीक्षांत समारोह उपलब्धि एवं आकांक्षा, दोनों का उत्सव है। अतिथि पंकज अग्रवाल ने स्नातकों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सच्ची आत्मनिर्भरता दूसरों के औज़ारों को इकट्ठा करने से नहीं, बल्कि दुनिया का नेतृत्व करने वाले अपने स्वयं के नवाचारों को बनाने से आएगी।
*स्नातक वर्ग में*
स्नातक छात्र – 1267
• प्रौद्योगिकी स्नातक – 1094
• एकीकृत विज्ञान स्नातकोत्तर – 75
• एकीकृत प्रौद्योगिकी स्नातकोत्तर-53
• वास्तुकला स्नातक – 36
• विज्ञान स्नातक – 09
स्नातकोत्तर छात्र – 847
• प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर – 536
• विज्ञान में स्नातकोत्तर – 159
• व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर – 80
• व्यवसाय प्रशासन में कार्यकारी स्नातकोत्तर – 27
• डिज़ाइन में स्नातकोत्तर (औद्योगिक डिज़ाइन) – 19
• शहरी एवं ग्रामीण नियोजन में स्नातकोत्तर – 13
• वास्तुकला में स्नातकोत्तर – 12
• पेयजल एवं स्वच्छता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा – 01
डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी के छात्र – 500
• डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी – 496
• डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (संयुक्त उपाधि) – 01
• डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (दोहरी उपाधि (एम.टेक. + पीएच.डी.) कार्यक्रम) – 02
• डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (संयुक्त उपाधि व दोहरी उपाधि (एम.टेक. + पीएच.डी.) कार्यक्रम) – 01
