ब्रह्माकुमारीज का राजयोग अभ्यास ही वास्तविक कुंभ!
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हरिद्वार (देशराज पाल)। ब्रह्माकुमारीज हरिद्वार के अनुभति धाम में नववर्ष पर सन 2027 के कुंभ की सफलता के लिए आयोजित विचार सम्मेलन में राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज आकर उन्हें सुखद अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि में जन्म लेने के बाद भी उन्हें अपने दादा दादी व माता पिता से अच्छे संस्कार मिले जिसकारण गरीबी में होने पर भी हम लोग पढ़ने लिखने में कामयाब हो गये।
उन्होंने ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय माउंट आबू से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए और कुंभ में ब्रह्माकुमारीज के योगदान को प्रासंगिक बताया। गुरु गोरक्षनाथ आश्रम रुड़की के पीठाधीश्वर महंत योगी सागरनाथ ने कहा कि उन्हें ब्रह्माकुमारीज आकर बहुत अच्छा लगता है। दुनिया में यह एक मात्र ऐसी संस्था है जो शांति व सदभाव की संवाहक है। उन्होंने सभी को नववर्ष पर अच्छे कार्य करने का संकल्प लेने की भी बात कही।वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मंजू दीदी ने अपने आशीर्वचन में नववर्ष को नए सदसंकल्पों का अवसर बताया और कहा कि आने वाले कुंभ व ब्रह्माकुमारीज संस्था की स्थापना के 90 वर्ष होने के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले नवोदशम कार्यक्रमो में सभी भाई बहनों की सक्रिय भूमिका रहनी चाहिए।राजयोगिनी बीके मीना दीदी ने भी नववर्ष के इस आयोजन को समसामयिक बताया। उन्होंने कुंभ के आयोजन की तैयारी में सार्थक योगदान की भी बात कही।विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ श्रीगोपाल नारसन ने ब्रह्माकुमारीज से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और कहा कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा नियमित कराया जा रहा राजयोग अभ्यास ही वास्तविक कुंभ है क्योंकि मां गंगा में स्नान करके हमारा तन शुद्ध हो सकता है। लेकिन मन राजयोग के माध्यम से परमात्म मिलन द्वारा ही शुद्ध हो सकता है। उन्होंने अपनी नववर्ष कविता के माध्यम से जीवन मे बदलाव लाने की भी बात कही।इस अवसर पर बिंदेश्वरी टम्टा ने भी ब्रह्माकुमारीज से जुड़ने के बाद के अपने जीवन मे आए बदलाव को रेखांकित किया। इससे पूर्व
राजयोगी ब्रह्माकुमार सुशील भाई के संचालन में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया,साथ ही अतिथियों को शाल ओढ़ाकर व ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में एक नन्ही बच्ची ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
