शिखा शर्मा उत्कृष्ट योगदान के लिए विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि से सम्मानित
|
Getting your Trinity Audio player ready...
|
रुड़की (देशराज पाल)। आर्मी पब्लिक स्कूल न0 1 की प्रवक्ता हिंदी शिखा शर्मा विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ भागलपुर बिहार के द्वारा उनके साहित्य में लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
श्यामवीर सैनी राज्यमंत्री उत्तराखंड, दयानंद जायसवाल कुलपति विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, श्रीगोपाल नारसन उपकुलपति विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, और आनंद भारद्वाज निदेशक संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड के द्वारा उनकी तीन पुस्तकों दादी और विभव (अनुभवजन्य संस्मरण) ‘श्रीगोपाल काव्यधारा में आध्यात्म ‘(विश्लेषणात्मक संकलन)और ‘ आत्ममंथन: शून्य से शून्य तक (काव्यसंग्रह) का विमोचन भी किया गया। विशिष्ट अतिथियों में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी, इंदु भूषण सचिव, विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, प्रीतम उपसचिव विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ एवं डॉ0 विनोद बब्बर की गरिमामय उपस्थिति रही। इस वर्ष यह सम्मान समारोह संस्कृत अकादमी हरिद्वार में संपन्न हुआ। इस समारोह में विक्रमशिला विद्यापीठ द्वारा साहित्य में उत्कृष्ट लेखन व योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाता हैं। रुड़की से डॉ आनन्द भारद्वाज व श्रीगोपाल नारसन को भारत गौरव,श्रीमती भावना शर्मा को साहित्य शिरोमणि, डॉ0 घनश्याम गुप्ता व नवीन शरण निश्चल को विद्या सागर की मानद उपाधि दी गई। डॉ0 शिखा शर्मा श्री श्यामगीत फाउंडेशन ‘द सॉन्ग ऑफ चेंज ‘ के माध्यम से भी निशुल्क शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, नई विचारधाराओं के प्रवाह में भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपना योगदान दे रही हैं।संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ आनन्द भारद्वाज की ओर से भागलपुर से आए विद्यापीठ के पदाधिकारियों को गंगाजली भेंटकर उनका सम्मान भी किया गया।
