अपने देश को स्वच्छ सुन्दर बनाने में सभी दें विशेष सहयोग:कर्नल अमन
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रुड़की (देशराज पाल)। स्वच्छता ही सेवा मुहिम के अंतर्गत रुड़की नगर में 84 उत्तराखण्ड बटालियन एनसीसी रुड़की के एनसीसी कैडेटस द्वारा जगह-जगह पर स्वच्छता रैलियां निकालकर स्वच्छता का संदेश देने का प्रयास किया। इसी के अंतर्गत आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर, रुड़की के कैडेट्स द्वारा कैप्टन विशाल शर्मा व सेकंड ऑफिसर नीरज नौटियाल के नेतृत्व में ग्रीन पार्क कॉलोनी व मंगलौर रोड पर जन जागरूकता रैली निकालकर आम जनमानस को जीवन में स्वच्छता अपनाने व अपने आसपास कूड़ा रहित वातावरण रखने हेतु जागरूक किया गया।
सेंट ऐंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रुड़की की एनसीसी कैडेटस सीटीओ शाहिना प्रवीन व सीटीओ दीपमाला के मार्गदर्शन में पोस्टर अभियान व वेस्ट टू आर्ट के तहत अनुपयोगी चीजों से वॉल हैंगिंग, पेंटिंग, बैग आदि उपयोगी चीज़े बनाकर उनका सही उपयोग करने का प्रण लिया। इसी क्रम में महावीर इंटरनेशनल स्कूल, पुहाना, रुड़की के एनसीसी कैडेटस द्वारा सीटीओ प्रियंका बिष्ट के साथ विद्यालय प्रांगण व आसपास के क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया व शपथ ली कि वह जीवन में ना ही कभी कूड़ा फैलाएंगे और अपने आसपास रहने वालों लोगों को भी इस बारे में सचेत करेंगे। महानिदेशक एनसीसी द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों के क्रम में 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के 250 से अधिक एनसीसी कैडेटस द्वारा प्रातः 8 से 9 बजे तक श्रमदान कर देश में स्वच्छता की अलख जगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर बटालियन के कार्यवाहक कमान अधिकारी कर्नल अमन कुमार सिंह ने कहा कि भारत एक पवित्र देश है। देश-विदेश से लाखों सैलानी भारत की सांस्कृतिक विरासत, संस्कृति व संस्कारों को जानने के लिए भारत देश का भ्रमण करते हैं। इसलिए हम सब भारतवासियों का कर्तव्य है कि अपने देश को स्वच्छ, सुन्दर एवं प्रदूषण रहित बनाने में अपना विशेष सहयोग दें। जिसका आरम्भ हमें अपने घर, गली, मोहल्ले, गाँव, शहर, विद्यालय, मन्दिर आदि सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई करके एवं स्वच्छता के प्रति क्षेत्रवासियों एवं समाज को जागरुक करके करना चाहिए। भारत के होनहार युवा रैली, गोष्ठी, वाद-विवाद आदि के माध्यम से भी जनजागरण कर स्वच्छ वातावरण के लिए देशवासियों को प्रेरित करें।कार्यक्रम में कैडेट आयुष, अपूर्व, सार्थक, स्वास्तिक, भानू, भौमिक, आरूष, अक्षरा, आस्था, खुशी, गौरी, मुस्कान, दीप्ति, वैष्णवी, जिया, आयुषी, जाहनवी, मानसी, कीर्तिका, श्लोका आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
