एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का मंच नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की सशक्त पाठशाला:कर्नल जगदीश अलमिया
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*10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन कैंप कमांडेंट कर्नल जगदीश अलमिया ने कैडेट्स को किया संबोधित*
*कर्नल बोले शिविर का प्रत्येक क्षण कैडेट्स के व्यक्तित्व को निखारने का अवसर*
रुड़की (देशराज पाल)। 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी रुड़की के तत्वावधान में क्वांटम विश्वविद्यालय मंडावर में आयोजित दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन कैंप कमांडेंट कर्नल जगदीश अलमिया ने कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सशक्त पाठशाला है। कठिन परिश्रम, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवा-भाव ही एक श्रेष्ठ नागरिक की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि शिविर का प्रत्येक क्षण कैडेट्स के व्यक्तित्व को निखारने का अवसर है और जो कैडेट कठिन परिस्थितियों में स्वयं को अनुशासित रखते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है, वही भविष्य में राष्ट्र का सक्षम नेतृत्वकर्ता बनता है।
डिप्टी कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह ने कैडेट्स को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के प्रत्येक सत्र का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। शिविर में कैडेट्स को शस्त्र प्रशिक्षण, मैप रीडिंग, दूरी का अनुमान, फील्ड सिग्नल, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न सैन्य एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना तथा राष्ट्रसेवा के संस्कारों का विकास करना है। कैंप एडजुटेंट कैप्टन सुशील कुमार आर्य ने शिविर के सफल आयोजन हेतु विश्वविद्यालय परिसर उपलब्ध कराने के लिए संस्था के चेयरमैन अनिल गोयल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेक कुमार एवं कुलसचिव डॉ. अमित दीक्षित का भी सहयोग और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर के सफल संचालन में सूबेदार मेजर अमर सिंह सहित समस्त प्रशिक्षण एवं प्रशासनिक स्टाफ कैडेट्स के प्रशिक्षण, अनुशासन एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
