भगवान राम की तरह साहसी बने आईआईटी रुड़की के छात्र: अजित डोभाल
|
Getting your Trinity Audio player ready...
|


*भारत में बड़े बदलाव हो रहे और देश बढ़ रहा एक शानदार भविष्य की ओर: डोभाल*
*चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की बढ़ाई शोभा*
*दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और आईआईटी रुड़की के पूरे समुदाय के लिए अत्यंत गर्व का क्षण:प्रो. केके पंत*
*1,277 स्नातक विद्यार्थियों को प्रदान की गईं डिग्रियां*
रुड़की (देशराज पाल)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगले 20 सालों में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्तमान 4015 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 38,000 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र सौभाग्यशाली हैं कि वे एक परिवर्तनकारी युग में रह रहे हैं जिसमें उनका भविष्य बहुत उज्ज्वल है। उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए छात्रों से अपने जीवन में साहसी बनने का आह्वान किया।
शनिवार को आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सभागार को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिना मेहनत के सफलता नहीं मिलती।भारत में बहुत बड़े बदलाव हो रहे हैं और देश एक शानदार भविष्य की ओर बढ़ रहा है। दीक्षांत समारोह के पहले दिन कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जो उनके शैक्षणिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और उनके पेशेवर एवं व्यक्तिगत जीवन के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। इस मौके पर भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने समारोह की अध्यक्षता की। दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के पहले दिन संस्थान के स्नातक विद्यार्थियों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए और विभिन्न शैक्षणिक विषयों में उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। स्नातक स्तर पर बी.आर्क, बी.टेक, इंटीग्रेटेड एम.टेक, इंटीग्रेटेड एम.एससी., आईडीडी, बीएस-एमएस और बी.एस. सहित विभिन्न कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।आधिकारिक डिग्री विवरण के अनुसार, कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों में 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं। दीक्षांत समारोह 2026 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आईआईटी रुड़की दो दिवसीय समारोह के दौरान कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कर रहा है, जो संस्थान द्वारा अब तक प्रदान की गई डिग्रियों की सर्वाधिक संख्या है। संस्थान पहली बार अपने पांच वर्षीय ड्युअल डिग्री कार्यक्रम के तहत बीएस-एमएस डिग्री भी प्रदान कर रहा है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने कहा कि दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और आईआईटी रुड़की के पूरे समुदाय के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है।आईआईटी रुड़की में हम ऐसे युवा मस्तिष्कों को विकसित करने का प्रयास करते हैं, जो न केवल तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित हों, बल्कि आलोचनात्मक ढंग से सोचने, जिम्मेदारी के साथ नवाचार करने और जटिल चुनौतियों का समाधान करने की क्षमता भी रखते हों। बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज के विद्यार्थी श्रीवरदन बालाजी ने प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल प्राप्त किया। उन्हें जेईई (एडवांस्ड) के माध्यम से प्रवेश लेने वाले स्नातक विद्यार्थियों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा कि दीक्षांत समारोह प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान के लिए गर्व का क्षण होता है, क्योंकि यह वर्षों के अध्ययन, अनुशासन और दृढ़ता की परिणति का प्रतीक है। आईआईटी रुड़की की एक गौरवशाली विरासत रही है और इसने प्रतिभाओं को विकसित करने तथा देश की तकनीकी एवं बौद्धिक प्रगति में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने कहा कि आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनकर और इसके स्नातक विद्यार्थियों के जीवन में आए इस महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी बनकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। किसी राष्ट्र की प्रगति काफी हद तक उसकी युवा पीढ़ी के ज्ञान, क्षमताओं और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए युवा मस्तिष्कों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल, केसी, को ऑनोरिस कौसा उपाधि प्रदान की गईं। यह सम्मान उनकी विशिष्ट लोक सेवा के प्रति मान्यता का प्रतीक है और संस्थान के दीक्षांत समारोह में एक महत्वपूर्ण अवसर को चिह्नित करता है। आईआईटी रुड़की में उनकी उपस्थिति ने उस अवसर को और विशेष बना दिया, जब स्नातक विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा के अगले चरण की ओर अग्रसर हुए। दीक्षांत समारोह 2026 का आयोजन 20 सितंबर 2026 को भी जारी रहेगा, जिसमें संस्थान 1,424 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान करेगा। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों में समारोह के बाद एक अलग ही उत्साह देखने को मिला।
