July 17, 2026

डीएम की अध्यक्षता में हरिद्वार को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने को जिला स्तरीय कार्ययोजना पर हुई समीक्षा

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*बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए भी चलाया जाएगा विशेष अभियान*

*पुनर्वास, कौशल विकास, जन-जागरूकता एवं विभागीय समन्वय पर विशेष जोर*

हरिद्वार (देशराज पाल)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में मंगलवार को एनआईसी सभागार, जिला कार्यालय में हरिद्वार को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने हेतु तैयार की गई कार्ययोजना के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कार्ययोजना के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार को ऐसा शहर बनाया जाए जहाँ कोई भी व्यक्ति मजबूरी में भीख मांगने को विवश न हो तथा जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन, आश्रय, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख क्षेत्रों, मंदिरों, घाटों, बस अड्डों एवं रेलवे स्टेशन पर भिक्षावृत्ति करने वाले व्यक्तियों का विस्तृत सर्वेक्षण कर उनकी आयु, स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा एवं आजीविका संबंधी विवरण तैयार किया जाए तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की अलग-अलग श्रेणियां बनाई जाएं। बैठक में पुनर्वास की व्यवस्था के अंतर्गत अस्थायी एवं स्थायी आश्रय गृह, भोजन, स्वच्छ वस्त्र, चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, नशामुक्ति एवं मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। साथ ही पुनर्वासित व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्थानीय उद्योगों, होटलों, दुकानों एवं सेवा क्षेत्र से जोड़ते हुए रोजगार उपलब्ध कराने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं स्वरोजगार योजनाओं से आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए। बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए भी विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत भीख मांगने वाले बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश, छात्रवृत्ति, पोषण एवं आवासीय शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बाल श्रम एवं बाल तस्करी से जुड़े मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने जन-जागरूकता अभियान चलाने, प्रमुख स्थलों पर जागरूकता संदेश प्रदर्शित करने तथा सोशल मीडिया, रेडियो एवं स्थानीय समाचार माध्यमों के जरिए आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने के बजाय जरूरतमंद व्यक्तियों को पुनर्वास योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करें।बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने, प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने तथा मासिक समीक्षा बैठक आयोजित कर कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्णय लिया गया। शिकायत एवं सुझावों के लिए हेल्पलाइन एवं ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया ने बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए बनाई गई कार्य योजना के बारे ने विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार,सीओ सदर एसपी बलूनी ,जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा०शि०) अमित कुमार चन्द,जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा, उप नगर आयुक्त श्याम सुंदर दास,उप नगर आयुक्त रुड़की अमरजीत कौर, एसीएमओ डॉ कुंदन कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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