सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे बड़ा उपाय जागरूकता
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रुड़की (देशराज पाल)। भारत विकास परिषद अविरल गंगा शाखा रुड़की द्वारा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज रामनगर रुड़की सिविल कोर्ट के समीप में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को इस गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी के प्रति जागरूक करना था। मुख्य वक्ता डॉ. संगीता गर्ग ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर बालिकाओं एवं महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है।लेकिन एचपीवी वैक्सीन समय पर जाँच और सही स्वास्थ्य आदतों से इससे काफी हद तक बचाव संभव है। उन्होंने इसके लक्षण, कारण, बचाव तथा नियमित स्वास्थ्य जाँच के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। बालिकाएं 9 से 14 वर्ष तक की आयु में एचपीवी वैक्सीन की 2 डोज और 14 वर्ष से 26 वर्ष तक की लड़कियां वैक्सीन की तीन डोज ले जिससे इस कैंसर से पीड़ित होने से बचा जा सकता है।
शाखा अध्यक्ष रीति वर्मा ने डॉ. संगीता गर्ग का अंगवस्त्र एवं तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया। नीलम मधोक ने विद्यालय की प्रधानाचार्या नीलम कटियार का अंगवस्त्र व उपहार देकर सम्मान किया। इस दौरान छात्राओं ने खुलकर प्रश्न पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।अनेक बालिकाओं ने भविष्य में एचपीवी वैक्सीन लगवाकर अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा का संकल्प भी लिया। लगभग 140 छात्राओं ने इस वार्ता का लाभ उठाया। प्रीति अग्रवाल ने कहा शर्म नहीं, जागरूकता ज़रूरी है। सही जानकारी और समय पर टीकाकरण से भविष्य सुरक्षित बनाया जा सकता है। इस अवसर पर शाखा ने 10 जरूरतमंद बालिकाओं को निःशुल्क वैक्सीन लगवाने के लिए भी वादा किया है। इस अवसर पर शाखा सदस्य नीलम शर्मा और विद्यालय की अध्यापिका श्रद्धा शर्मा आदि भी उपस्थित रही।
