April 24, 2026

बजट को तरसती नई नगर पंचायते, सरकार पर सौतेला व्यवहार का आरोप

0
IMG-20260123-WA0029
Getting your Trinity Audio player ready...

रुड़की (देशराज पाल)। बजट न मिलने से परेशान नगर पंचायत अध्यक्षों ने शुक्रवार को बैठक कर सीएम से मिलने की रणनीति बनाई। साथ ही नई बनी नगर पंचायतों के अध्यक्षों से वार्ता कर संगठन बनाए जाने पर भी चर्चा की। ढंडेरा नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश नेगी को इसका जिम्मा सौंपा गया। उन्होंने कहा कि लम्बा समय बीतने के बाद भी सरकार बजट नहीं दे रही। क्षेत्र में विकास कार्य कैसे कराएं।
शुक्रवार को पाडली गुर्जर नगर पंचायत अध्यक्ष तौफीक आलम के आवास पर आयोजित बैठक में सुल्तानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष ताहिर हसन ने कहा कि नई नगर पंचायतों में चुनाव को एक वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक किसी भी नई बनी नगर पंचायत में विकास कार्यों के लिए बजट जारी नहीं किया गया है, जिससे नगर पंचायतों में नाली, सड़क, पार्क एवं अन्य निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ऊपर से जनता का वार्ड सभासदों और अध्यक्षों पर दबाव बनता जा रहा है। ढंडेरा नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश नेगी ने कहा कि उनकी नगर पंचायत सबसे बड़ी है। जहां जल निकासी, सफाई व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या है। सरकार से बजट और पर्याप्त कर्मचारी, कूड़ा वाहन न मिल पाने के कारण विकल्प के तौर पर सफाई करानी पड़ रही है। वार्डो में तीसरे दिन सफाई कर्मचारियों को भेजना पड़ रहा है। यही हाल कूड़ा वाहनों का भी है। नाली और नालों के निर्माण, तालाबों की सफाई के लिए बजट चाहिए। सड़क पर पानी भरने से जनता का दबाव बन रहा है। रामपुर चेयरमैन प्रवेज सुल्तान और इमलीखेड़ा चेयरमैन प्रतिनिधि नीरज सैनी ने कहा कि अगर हालात यही रहें तो सभी नगर पंचायत अध्यक्षों को त्याग पत्र देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बैठक में अगले सप्ताह तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने और नई नगर पंचायत अध्यक्षों के साथ बैठक कर अपना संगठन खड़ा करने पर सहमति बनी। चेयरमैन तौफीक आलम ने कहा कि संगठन के जरिए सभी नगर पंचायत अध्यक्ष अपनी आवाज को मजबूती से उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार नई नगर पंचायतों को बजट न देकर उनके सौतेला व्यवहार बरत रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page