हवा में उड़ रहे वीरेंद्र जाती, हकीकत जानती है जनता:चौधरी
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*जयंती से पहले बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण करना उनका अपमान करने के समान*
*मूर्ति अनावरण में मुख्यमंत्री घोषणा संख्या और लागत का ना दर्शाना भी विधायक का भ्रष्टाचार को कर रहा उजागर*
रुड़की/झबरेड़ा (देशराज पाल/राजपाल) झबरेड़ा विधानसभा में बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर की मूर्ति अनावरण प्रकरण पर क्षेत्र के लोगों में विधायक के प्रति गहरा रोष उत्पन्न हो रहा है। लोगों का कहना है कि इतनी छोटी मूर्ति बनवाना बाबा साहब का अपमान के समान है। इतना ही नहीं इससे बड़ा घोर अपमान उनकी जयंती से पहले ही आनन-फानन में मूर्ति का अनावरण कर देना अपमान की श्रेणी में ही आता है। पूर्व राज्य मंत्री गौरव चौधरी ने भी इस अनावरण को सही नहीं ठहराया है। उन्होंने भी कहा है कि विधायक वीरेंद्र जाती हवा में उड़ रहे हैं जबकि हकीकत क्षेत्र की जनता जानती है।
रविवार को झबरेड़ा विधानसभा में मामला उस समय गरमा गया जब स्थानीय विधायक वीरेंद्र जाती द्वारा आनन-फानन में झबरेड़ा स्थित मानक चौक पर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण कर दिया गया। मूर्ति से पर्दा हटते मानो ऐसा लग रहा था जैसे उनका अनावरण नहीं बल्कि अपमान किया जा रहा हो। क्षेत्र के लोगों ने जब मूर्ति को देखा तो वह भी अचरज में रह गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी छोटी मूर्ति लगाना और उसका जयंती से पहले ही अनावरण करना बाबा साहब का अपमान के समान है। स्थानीय लोगों का तो यहां तक का आरोप है कि विधायक द्वारा मूर्ति अनावरण में भी भ्रष्टाचार करना उजागर हो रहा है। मूर्ति अनावरण नेम प्लेट पर ना तो मुख्यमंत्री की घोषणा संख्या और ना ही उसकी लागत को दर्शाया गया है जो कि भ्रष्टाचार को उजागर करती है। वहां मौजूद किसी ने मूर्ति की लागत 12 लाख बताई है तो किसी ने 15 लाख रुपए बताई। लेकिन सही लागत खुद विधायक को भी शायद पता नहीं है और यदि पता है तो उसकी लागत अंकित क्यों नहीं की गई यह तो विधायक ही जानते होंगे। लेकिन मानक चौक पर इतनी छोटी मूर्ति लगाना यह बाबा साहब का अपमान ही माना जा रहा है। पूर्व राज्य मंत्री गौरव चौधरी से जब इस मामले में संवाददाता द्वारा बात की गई तो गौरव चौधरी ने भी साफ कहा कि विधायक वीरेंद्र जाती शायद हवा में उड़ रहे हैं इसीलिए तो वह अकेले ही मूर्ति का अनावरण कुछ युवाओं के साथ करते नजर आ रहे हैं। मूर्ति अनावरण में ना तो नगर पंचायत अध्यक्षा और ना ही अन्य गणमान्य को सूचित किया गया है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की इतनी छोटी मूर्ति का अनावरण करना उनका अपमान करने के समान ही है। विधायक के साथ खड़े युवाओं के बीच बाबा साहब भीमराव अंबेडकर कहीं नजर भी नहीं आ रहे हैं। वही भीम आर्मी नेता द्वारा भी मूर्ति अनावरण और मूर्ति छोटे होने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बड़ी मूर्ति लगाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हमें सिर उठाकर चलना सिखाया है और आज हम उन्हीं की मूर्ति को पैरों तक लगाकर उनका अपमान नहीं करने देंगे। इस पूरे मामले को लेकर विधायक वीरेंद्र जाति से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन ना उठाये जाने से उनसे कोई बात नहीं हो पाई। विधायक द्वारा मीडिया कर्मियों का भी फोन ना उठाने से तो शायद पूर्व राज्य मंत्री की बात ही सही साबित हो रही है कि विधायक हवा में ही उड़ रहे हैं।
