पं ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में भूजल संरक्षण की दिशा में वैज्ञानिक पहल, पीजोमीटर स्थापना कार्य शुरू
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*विश्वविद्यालय में इस प्रकार की परियोजनाएं विद्यार्थियों को सतत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का करती है अवसर प्रदान:एम एस रावत*
*कुलसचिव दिनेश चंद्र बोले विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में करता रहेगा सहयोग*
ऋषिकेश (देशराज पाल)। पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र के अंतर्गत भूजल स्तर की वैज्ञानिक निगरानी एवं संरक्षण के उद्देश्य से पीजोमीटर स्थापित करने का कार्य प्रारंभ किया गया। यह कार्य केंद्रीय भूजल बोर्ड, उत्तराखंड क्षेत्र, देहरादून द्वारा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के सहयोग से संपादित किया जा रहा है।
परिसर निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने बताया कि पीजोमीटर की स्थापना से क्षेत्र के भूजल स्तर, जल गुणवत्ता तथा भूजल में होने वाले मौसमी परिवर्तनों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार की परियोजनाएं विद्यार्थियों को सतत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। निदेशक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कहा कि यह पीजोमीटर भूजल स्तर की नियमित एवं वैज्ञानिक निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे प्राप्त आंकड़े शोध, जल संसाधन प्रबंधन तथा भूजल संरक्षण की योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। इस अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्र ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में सदैव सहयोग करता रहेगा।
