ऐ नौजवानों ये बात सुनना, नशा बुरा है ये ध्यान रखना…
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*नशे के विरुद्ध आंदोलन शीर्षक से एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन*
रुड़की (देशराज पाल)। नशे को छोड़ो नशा बुरा है। समाज में बढ़ती नशे की प्रवृति और इसके दुष्प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए आल इंडिया सैनी सभा के पदाधिकारियों ने जागरूकता के लिये नगर के एक होटल में नशे के विरुद्ध आंदोलन, शीर्षक से एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया। जिला अध्यक्ष ने सभी कवियों तथा अतिथियों का शाल व माला पहनाकर स्वागत किया।
समाजसेवी सुंदरपाल सैनी की अध्यक्षता तथा वीर रस के जाने माने कवि किसलय क्रांतिकारी के संचालन में हुए कवि सम्मेलन का आगाज गीतकार प्रवीण पूरी ने मां सरस्वती वंदना से किया। शायर, गजलकार, पंकज गर्ग ने नशे पर आघात करते हुए युवाओ को जागरूक करते हुए पढ़ा कि नशे को छोड़ो नशा बुरा है। जिसे भी देखो वो कह रहा है।। ऐ नौजवानों ये बात सुनना।। नशा बुरा है ये ध्यान रखना।।
राष्ट्र चिंतन के प्रखर युवा कवि डॉ विनय प्रताप ने पढ़ा कि
घर घर में बदहाली
यार नशा तो छिने है खुशहाली।सुनाकर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।
जाने माने व्यंग्यकार अजय त्यागी ने जब अपने अंदाज में, ठेका देशी शराब इसे पीना ना जनाब।
होगा जीवन खराब, बुरी बहुत है शराब।। टन टना टन बोतल टन टना टन। पढ़ा तो लोगों ने जमकर तालिया बजाई।
कवि सम्मेलन के मुख्य आकर्षण के रूप में बाल कवि विराट हिंदुस्तान ने नशा करने वालो को चेताते हुए जब अपनी कविता,, नशे नशे में रहो ना तुम, नशा करो तो जेल।
फिर भी ना तुम माने तो, पुलिस दे डंडा पैल।। पढ़कर श्रोताओं की खूब तालिया बटोरी।
गीतकार प्रवीण पूरी ने पढ़ा,,,जब कोई शराबी मयखाने में जाकर जाम उठता है।
अपने हाथों से वह अपने ही घर में आग लगाता है।। कवि सो सिंह, कवि राजेंद्र, कवि सुखेन्द्र, कवि निशांत, ने भी काव्य पाठ किया।
इस अवसर पर समाजसेवी रोमा सैनी, आशीष राष्ट्रवादी, ऋषिपाल सैनी, अमित गर्ग, बृजमोहन सैनी, आदेश सैनी, सुदर्शना सैनी, पुष्पा शर्मा, सुनीता सैनी, पंकज साह, प्रवेश, अरविंद सैनी, अंग्रेश पाल, पवन, नरेश पंडित, डॉ बीरबती, अमित सैनी आदि शामिल रहे।
